समीक्षा अधिकारी

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समीक्षा अधिकारी के निम्नलिखित कर्तव्य हैं :-
  1. उसको अंकित किये जाने वाले सभी पत्रों को प्राप्त करना तथा उन्हें डायरी में लिखना।
  2. उसको अंकित किये गये मामले में टिप्पणियां लिखना तथा आलेख्य प्रस्तुत करना।
  3. विवरण-पत्रों, आख्याओं, सूचियों, नामावलियों, योजनाओं, आयोजनाओं, आय-व्ययक प्रस्तावों , नई मांगों की अनुसूची ,सांराश ,संक्षिप्त या विस्तृत टिप्पणियों मंत्री-परिषद के लिये टिप्पणी इत्यादि आवश्यकतानुसार तैयार करना।
  4. अभिलेख-कक्ष को प्रेषित पत्रावलियों के अभिलेखन, निर्दान तथा प्रेषण की पर्चियां तैयार करना ।
  5. आलेख्यों इत्यादि की स्वच्छ प्रतियों की जांच करना।
  6. मुद्रण हेतु प्रेस को भेजे गये मामलों के प्रमाण का परीक्षण करना।
  7. किसी महत्वपूर्ण मामले या उसको आवंटित किये गये किसी कार्य में विलम्ब हो तो उसे अनुभाग अधिकारी की जानकारी में लाना।
  8. प्रतीक्षा में रखे गये मामलों में अनुस्मारक प्रस्तुत करना।
  9. यदि कार्यालय की टिप्पणियों के लिये आवश्यकता पड़े तो सम्बन्ध अधिनियमों, नियमावलियों विनियमों, आदेशों, आधार-सामग्री , पूर्व उदाहरणों, इत्यादि का अध्ययन करना ।
  10. अपने दैनिक कार्य की एक डायरी रखना तथा उसे पक्ष में एक बार अनुभाग अधिकारी को प्रस्तुत करना।
  11. उसे सौंपी गयी पत्रावलियों की गोपनीयता बनाये रखना।
  12. अनुभाग अधिकारी या अन्य सम्बद्ध अधिकारी द्वारा सौंपे गये किसी अन्य कार्य को सम्पादित करना।
  13. अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करने में अनुभाग में अपने सहकर्मियों की सहायता करना तथा उनसे सहयोग करना तथा अनुशासन का पालन करना तथा अनुभाग अधिकारी की अनुपस्थिति में महत्वपूर्ण कार्य का निस्तारण करना।
  14. आवंटित किये गये विषयों से संबंधित पत्रावलियों/अभिलेखों का रख-रखाव तथा आवश्यकतानुसार नई पत्रावलियां खोलना।
  15. कम्प्यूटर पर अपना कार्य स्वयं करना।