निजी सचिव

वापस अधिकारियों / कर्मचारियों के कार्य एवं दायित्व पर जाएँ
निजी सचिव के निम्नलिखित कर्तव्य हैं :-
  1. मंत्री या अधिकारी के कार्यालय को ठीक स्थिति में रखना तथा कर्मचारियों पर प्रभावशाली नियंत्रण रखना।
  2. मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच संपर्क बनाये रखना
  3. जब कभी आवश्यकता पड़े तो श्रुतलेख लिखना
  4. दूरभाष पर प्राप्त होने वाले संदेशों को सुनना दूरभाष का एक रजिस्टर रखना तथा किसी अधिकारी का स्थानान्तरण होने या किसी मंत्री द्वारा पद त्याग करने पर कार्यालय की साज-सज्जा तथा सामग्री, जिसमें टेलीफोन निर्देशिका भी सम्मिलित है को वापस लौटाना जब टेलीफोन प्रयोग में न ले तब उसमें एस0टी0डी0 डायनमिक लाक लगाना सुनिश्चित करना।
  5. दूरभाष पर ट्रंक संदेशों का बुक करना, तथा उनके लेखे का पर्यवेक्षण करना टेलीफोन बिलों का समय से भुगतान कराने हेतु अनुशरण करना
  6. आगन्तुकों से भेंट कराने की व्यवस्था करना सभी आगन्तुकों के प्रति शिष्टाचार दर्शाना
  7. मंत्री या अधिकारी के दौरे के कार्यक्रमों की आवश्यक सूचना संबंधित अधिकारियों को भेजना तथा रेलवे रिक्यूजिसन के आधार पर आरक्षण कराना अथवा हवाई यात्रा इत्यादि की व्यवस्था करना। जारी किये गये रेलवे रिक्यूजिशन का मासिक विवरण-पत्र सचिवालय प्रशासन (लेखा) को भेजना
  8. पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को लिखना तथा उनके सम्बन्ध में मंत्री या अधिकारी को पहले से स्मरण कराना
  9. जब कभी निर्देश मिले तो मंत्री या अधिकारी के साथ दौरें पर जाना
  10. मंत्री या अधिकारी के वेतन, यात्रा भत्ता बिलों, इत्यादि के लेखे का पर्यवेक्षण करना,
  11. डाक प्राप्त करना तथा उसे प्रस्तुत करना, मंत्री या अधिकारी के विरूद्ध अवमानना नोटिस पर की गयी कार्यवाही की प्रगति से उनको अवगत कराते रहना।
  12. पत्रावलियों के निस्तारण की व्यवस्था कराना तथा उनकी गोपनीयता को सुनिश्चित करना ।
  13. मंत्री के निवास-स्थान पर तैनात अन्य अधिकारियों को कार्य आवंटित करना।
  14. मंत्री या अधिकारी के साथ दौरे पर जाने के लिये कर्मचारियों को तैनात करना तथा
  15. मंत्री या अधिकारी द्वारा आवंटित कोई अन्य कार्य करना।